राष्ट्रीय परशुराम परिषद,
उत्तर प्रदेश का एक दिवसीय अधिवेशन संपन्न
संवाददाता।
-संगठन विस्तार, परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा, UGC से जुड़े विषयों एवं समाज-संस्कृति के संरक्षण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर बनी कार्ययोजना
लखनऊ । राष्ट्रीय परशुराम परिषद, उत्तर प्रदेश का एक दिवसीय अधिवेशन आज संघ भवन, डिप्लोमा इंजीनियर संघ, गवर्नर हाउस गेट नंबर-1 के सामने, लखनऊ में उत्साह, गरिमा एवं संगठनात्मक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ। अधिवेशन का आयोजन प्रातः 10 बजे किया गया।
अधिवेशन में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के आगामी कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान, भगवान श्री परशुराम जी की विरासत एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक सरोकारों तथा समाजहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक रणनीति एवं कार्ययोजना भी तैयार की गई।
संगठन की एकजुटता एवं सक्रियता पर दिया जोर
अधिवेशन के मुख्य अतिथि पंडित सुनील भराला, निवर्तमान मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार रहे। उन्होंने अपने संबोधन में संगठन की एकजुटता, अनुशासन, सक्रियता एवं सामाजिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाजहित से जुड़े विषयों को मजबूती के साथ उठाने के साथ-साथ युवाओं को संगठन से जोड़ना और उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।
उन्होंने परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों को परिषद की गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया।
परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा को लेकर व्यापक रणनीति
अधिवेशन में आगामी 15, 16 एवं 17 नवंबर को प्रस्तावित भगवान श्री परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा को सफल बनाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। यात्रा के व्यापक प्रचार-प्रसार, अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता, पंजीयन अभियान को गति देने तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं को जोड़ने की रणनीति तैयार की गई।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भगवान श्री परशुराम जी की तप, त्याग, शौर्य एवं सनातन परंपरा से समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यात्रा को व्यापक जनसहभागिता के साथ सफल बनाने के लिए प्रदेश एवं जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
UGC से जुड़े विषय एवं भगवान श्री परशुराम जी के अवतरण दिवस पर अवकाश की मांग
अधिवेशन में UGC के काले कानून को पूर्ण रूप से समाप्त करने की मांग के समर्थन एवं इस विषय को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर भी गंभीर चर्चा हुई। परिषद द्वारा इस विषय पर समाज एवं संबंधित पक्षों के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा आवश्यक स्तर पर अपनी भूमिका निभाने की रणनीति पर विचार किया गया।
इसके साथ ही भगवान श्री परशुराम जी के अवतरण दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाने तथा इसके लिए आवश्यक स्तर पर प्रयास किए जाने का निर्णय लिया गया।
सदस्यता अभियान एवं संगठन विस्तार को मिलेगी गति
अधिवेशन में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए जिला, महानगर एवं तहसील स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय एवं मजबूत करने तथा योग्य एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देने पर भी चर्चा हुई।
पदाधिकारियों ने कहा कि मजबूत एवं सक्रिय संगठन ही समाज से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में सक्षम होता है। इसलिए परिषद के विस्तार के साथ-साथ युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
समाज एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण पर भी हुआ मंथन
अधिवेशन में भगवान श्री परशुराम जी की विरासत, सनातन संस्कृति, सामाजिक मूल्यों एवं समाज के संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। परिषद द्वारा सामाजिक जागरूकता, युवा सहभागिता एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह तय किया गया कि परिषद के आगामी कार्यक्रमों को व्यापक जनसरोकारों से जोड़ते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठनात्मक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
अधिवेशन में लिए गए प्रमुख निर्णय
* UGC के काले कानून को पूर्ण रूप से समाप्त करने की मांग के समर्थन में प्रभावी रणनीति तैयार करना।
* भगवान श्री परशुराम जी के अवतरण दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाना।
* 15, 16 एवं 17 नवंबर को प्रस्तावित भगवान श्री परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना लागू करना।
* परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा के पंजीयन एवं प्रचार-प्रसार अभियान को तेज करना।
* राष्ट्रीय परशुराम परिषद के सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करना।
* जिला, महानगर एवं तहसील स्तर पर संगठन विस्तार एवं कार्यकारिणियों के गठन की प्रक्रिया को गति देना।
* युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठन से अधिक से अधिक संख्या में जोड़ना।
* भगवान श्री परशुराम जी की विरासत, सनातन संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य करना।
* परिषद के आगामी कार्यक्रमों को व्यापक जनसहभागिता के साथ आगे बढ़ाना।
अधिवेशन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
अधिवेशन में मुख्य अतिथि पंडित सुनील भराला — निवर्तमान मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, श्री असीम अरुण — राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, श्री अशोक शर्मा — प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय परशुराम परिषद, श्री संतोष पाण्डेय — प्रवक्ता, श्री अंकुर शर्मा — प्रदेश संयोजक, श्री बाल गोविंद दीक्षित — राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, श्री जीवन शर्मा — राष्ट्रीय IT संयोजक, श्री सी.एम. पाण्डेय — क्षेत्रीय अध्यक्ष, PSS पश्चिमी उत्तर प्रदेश, श्री दीपक पाण्डेय — क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य, श्री कुशल पाण्डेय — प्रदेश मंत्री, PSS उत्तर प्रदेश, श्री कृष्णा शर्मा — परशुराम शक्ति वाहिनी, डॉ. रघुनाथ शर्मा, श्री मनोज शर्मा, श्री नितेश पाण्डेय — प्रवक्ता, राष्ट्रीय परशुराम परिषद, श्री दीपक पाण्डेय — पश्चिमी उत्तर प्रदेश, श्री पवन त्यागी — PSS सहित राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
अधिवेशन के समापन पर राष्ट्रीय परशुराम परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय, अनुशासित एवं जनसरोकारों से जोड़ने तथा समाजहित से जुड़े विषयों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय परशुराम परिषद, उत्तर प्रदेश ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, भगवान श्री परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां तथा समाजहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषय परिषद की प्राथमिकताओं में रहेंगे। अधिवेशन में निर्धारित कार्ययोजनाओं को आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
राष्ट्रीय परशुराम परिषद, उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित यह एक दिवसीय अधिवेशन संगठन की आगामी कार्यदिशा तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल साबित हुआ।
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