संवाददाता।
-प्रदेश की बिजली व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में संघर्ष समिति हर स्तर पर रचनात्मक सहयोग करेगी
लखनऊ। प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं ऊर्जा निगमों के चेयरमैन श्री रणवीर प्रसाद, आईएएस का विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के सभी घटक श्रम संघों एवं सेवा संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने आज शक्तिभवन में भेंट कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
संघर्ष समिति ने कहा कि श्री रणवीर प्रसाद एक दूरदर्शी, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुखी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की जमीनी चुनौतियों तथा उसकी संभावनाओं का व्यापक अनुभव है। अपने पूर्व कार्यकाल में उन्होंने उत्पादन निगम, ट्रांसमिशन निगम तथा दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में अनेक नवाचारात्मक एवं संरचनात्मक सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू किया।
संघर्ष समिति ने विशेष रूप से कहा कि श्री रणवीर प्रसाद द्वारा विद्युत कर्मियों के कौशल विकास, आधुनिक एवं नियमित प्रशिक्षण तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दिए जाने से कार्यक्षमता, तकनीकी दक्षता और उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। ऊर्जा क्षेत्र जैसे अत्यंत तकनीकी एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में मानव संसाधन की क्षमता को विकसित करने की उनकी दृष्टि अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संघर्ष समिति ने कहा कि चेयरमैन महोदय द्वारा अपनी प्राथमिकताओं में विश्वसनीयता, गुणवत्ता, पारदर्शिता, तकनीक आधारित सुधार, जवाबदेही तथा उपभोक्ता-केंद्रित विद्युत वितरण व्यवस्था पर दिया जा रहा जोर स्वागतयोग्य है। संघर्ष समिति का स्पष्ट मत है कि इन लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए विद्युत कर्मियों का मनोबल, सम्मान और कार्य के प्रति विश्वास सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना आवश्यक है।
संघर्ष समिति ने चेयरमैन महोदय के समक्ष यह बात प्रमुखता से रखी कि प्रदेश के विद्युत कर्मी कठिन से कठिन परिस्थितियों में दिन-रात कार्य करते हुए प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को संभालते हैं। ऐसे में अपने अधिकारों एवं जायज मांगों के लिए आवाज उठाने वाले विद्युत कर्मियों के विरुद्ध चल रही अनुशासनात्मक एवं उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों समाप्त किया जाना बिजली कर्मियों के मनोबल को मजबूत करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम होगा।
संघर्ष समिति ने कहा कि विद्युत कर्मी और प्रबंधन एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था के दो अभिन्न अंग हैं। परस्पर विश्वास, संवाद और सम्मान के वातावरण में ही बिजली व्यवस्था को और अधिक सक्षम, सुरक्षित, पारदर्शी एवं उपभोक्ता-केंद्रित बनाया जा सकता है।
संघर्ष समिति ने चेयरमैन महोदय को विश्वास दिलाया कि प्रदेश के विद्युत कर्मियों का सर्वोच्च उद्देश्य उपभोक्ताओं, किसानों और प्रदेश की जनता को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
संघर्ष समिति ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान तथा विगत वर्षों की भीषण गर्मी में विद्युत कर्मियों ने विषम परिस्थितियों, अत्यधिक विद्युत मांग और प्रतिकूल मौसम के बावजूद जिस समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ विद्युत व्यवस्था को संभाला, वह प्रदेश के विद्युत कर्मियों की कार्यक्षमता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश ने विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
संघर्ष समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि आगे भी विद्युत कर्मी पूरी निष्ठा और मनोयोग से कार्य करते हुए विद्युत आपूर्ति के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, कृषि और आम जनता के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि श्री रणवीर प्रसाद के नेतृत्व में ऊर्जा निगमों और विद्युत कर्मियों के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग की नई कार्यसंस्कृति विकसित होगी। इससे प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ विद्युत कर्मियों की वर्षों से लंबित समस्याओं का भी न्यायसंगत एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित होगा।
संघर्ष समिति ने यह भी अपेक्षा व्यक्त की कि विद्युत कर्मियों के विरुद्ध चल रही उत्पीड़नात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी, जिससे प्रदेश के लाखों विद्युत कर्मी पूरे मनोबल एवं उत्साह के साथ विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में अपना योगदान दे सकें।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करना, उपभोक्ताओं एवं किसानों को बेहतर विद्युत आपूर्ति देना तथा ऊर्जा निगमों को अधिक सक्षम एवं उत्तरदायी बनाना संघर्ष समिति की भी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में प्रबंधन द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक सकारात्मक एवं जनहितकारी प्रयास में संघर्ष समिति हर स्तर पर रचनात्मक एवं पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेन्द्र राय, पी.के. दीक्षित, सुहेल आबिद, दीपक चक्रवर्ती, श्रीचन्द, ए के श्रीवास्तव,आलोक श्रीवास्तव, हरजीत सिंह, के.एस. रावत एवं अमिताभ सिन्हा सहित विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारी सम्मिलित थे।
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