द्वितीय दिवसः सप्तमी पूजा - मुख्य आर्कषण
लखनऊ।
छः दिवसीय श्री श्री दुर्गा पूजनोत्सव के दूसरे दिन दिनांक 17 अक्टूबर, 2026 को देवी दुर्गा की सप्तमी पूजा सुबह 6ः15 बजे से रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मठ, पुरी के ब्रह्मचारी सौम्यजीत द्वारा शास्त्रीय परम्परा के अनुसार शहनाई की धुन के साथ शुरू हुई तथा वृंदावन से आए स्वामी प्रतिभानन्द ने श्रीदुर्गासप्तशती की आवृति (चंडी पाठ) का पाठ किया। इस पूजनोत्सव से जुडे समस्त कार्यक्रम हमारे आधिकारिक यूट्यूब चैनेल: ‘रामकृष्ण मठ, लखनऊ’ के माध्यम से प्रसारित भी किया जा रहा है।
औपचारिक पूजा सुबह 7ः00 बजे छोटे दर्पण की प्रतिमा को देवी के रूप में कल्पना करते हुये महास्नान कराया गया। इस महास्नान की प्रक्रिया के विभिन्न स्रोतों से लाये गये लगभग 50 प्रकार के पवित्र पानी और मिट्टी का उपयोग किया गया। इस दौरान शास्त्रीय मंत्रों का उच्चारण किया गया। तदोपरान्त श्री देवी माँ, दुर्गा, लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती, कार्तिक के साथ-साथ सिंह, चूहा, उल्लू, हंस, मोर आदि वाहन जैसे उनके परिवार के सदस्यों के साथ कुल 83 सदस्यों की शास्त्रों के अनुसार पूजा की गई थी तथा *प्रातः 7ः15 बजे से स्वामी मुक्तिनाथानंन्दजी महाराज द्वारा ‘‘ज्ञान नहीं जीवन का लक्ष्य ईश्वर लाभ’’ विषय पर सत्प्रसंग (ऑनलाइन) प्रवचन दिया गया। स्वामी जी ने कहा कि मानव जीवन का परम उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि भक्ति, साधना, आत्मसंयम और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से ईश्वर की अनुभूति प्राप्त करना है।*
रामकृष्ण मिशन आश्रम, नरेन्द्रपुर से आये स्वामी शिवधीशानन्द जी ने भक्तिगीतों की प्रस्तुति दी उस दौरान भातखंडे संगीत संस्थान, लखनऊ के श्री शुभम राज ने तबला पर संगत दिया।
तत्पश्चात, भक्तगणों के लिए पूर्वाह्न 11ः00 बजे पुष्पांजलि का आयोजन हुआ। पुष्पांजलि में जो भक्त आ नही सके उनके लिए ऑनलाइन पुष्पांजलि की व्यवस्था हमारे यूटयूब चैनल रामकृष्ण मठ, लखनऊ के माध्यम से देश व विदेश के श्रद्धालुओ के लिये की गयी थी उस दौरान मठ में भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे जिन्होंने माँ को पुष्प एवं चंदन का लेप अर्पित किया उस दौरान मंत्रोच्चारण रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, मायलापुर, चेन्नई के स्वामी सत्यविदानन्द ने किया। तत्पश्चात सभी उपस्थितों को फल प्रसाद का वितरण किया गया। सुबह से देवी को फल, मिष्ठानआदि भोग व मध्याहन 12ः30 बजे पके हुये अन्न भोग चढ़ाया गया जिसे भक्तगणों के मध्य पके हुये प्रसाद का वितरण किया गया।
शाम 6ः00 बजे मुख्य मंदिर में श्री श्री रामकृष्णजी की संध्या आरती के बाद शाम 6ः45 बजे देवी दुर्गा की संध्या आरती की गई। इसके बाद भजन, महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम एवं काली कीर्तन और भक्ति गीत स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज एवं स्वामी शिवधीशानन्द जी गाया गया।
रात्रि पूजा के पश्चात देवों के मनोरंजन हेतु एवं दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में *सास्कृतिक कार्यक्रम* का आयोजन किया गया जिसमें *वायलिन वादन की प्रस्तुति श्री अंकुर चक्रवर्ती* द्वारा दी गयी।
वायलिन वादन के पश्चात के *लखनऊ के डा0 गरूण मिश्रा ने शास्त्रीय गायन* की प्रस्तुति दी उन्होंने राग रागेश्वरी पर बिलम्बित तथा दु्रत ख्याल पर मनमोहक प्रस्तुति दी तथा अन्त में राग दुर्गा का चयन किया उस दौरान *तबले पर संगत लखनऊ के श्री मोहित रत्न दुबे *तथा *हारमोनियम पर संगत श्री दिनकर द्विवेदी* ने दिया। आपके शुलभ संदर्भ हेतु हम कलाकारों का बायोडाटा इस पत्र के साथ संलग्न कर रहे है। कार्यक्रम की समाप्ति पर स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
सप्तमी पूजा कल दिनांक 18 अक्टूबर, 2026 को भी होगी एवं पुष्पांजलि सुबह 11ः00 बजे की जाएगी तथा रात्रि 8ः00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम मे संतूर वादन का आयोजन किया जायेगा आप सभी भक्तगण रामकृष्ण मठ, लखनऊ में पूजा में भाग लेने और भंडारा में दोपहर 12ः30 बजे से प्रसाद ग्रहण करने के लिए सादर आमंत्रित हैं।
*(स्वामी मुक्तिनाथानन्द)*
अध्यक्ष
रामकृष्ण मठ लखनऊ
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