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संवाददाता।
-इस वर्ष रबी का आच्छादन लक्ष्य लगभग 141 लाख हेक्टेयर है, और खाद्यान्न उत्पादन में 30 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि का लक्ष्य है
लखनऊ। किसानों को 12 लाख क्विंटल से अधिक अनुदानित और निःशुल्क बीज वितरित किए जाएंगे, और दलहन-तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए रणनीति बनाई गई है। राज्य में 7.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध है।
किसानों से फसल कटने के तुरंत बाद दलहन और तिलहन की खेती शुरू करने और समय से गेहूं की फसल लगाने का आग्रह किया गया।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में खाद्यान्न उत्पादन 543 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 750 लाख मीट्रिक टन से ऊपर हो गया है, जिससे देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 22% हो गई है।
कृषि विभाग का बजट 2016-17 के लगभग 2.25 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया जा रहा है। किसानों को 80% तक अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए भी यंत्र दिए जा रहे हैं।
किसानों को खाद और बीज पर अनुदान समय पर मिल सके, इसके लिए अग्रिम सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। इस साल लगभग 700 करोड़ रुपये का बीज अनुदान पर दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश गेहूं और मसूर के उत्पादन में नंबर एक पर है, और सरसों व राई के उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नतशील बीज समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
किसान उत्तर प्रदेश के कृषि गोदामों, सहकारी समितियों और इफको सेंटरों से 50% अनुदान पर बीज प्राप्त कर सकते हैं। बीज की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
कीटनाशकों, खरपतवारनाशकों और अन्य कृषि रसायनों पर भी 50% से 75% तक की अग्रिम सब्सिडी की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को सहूलियत मिल रही है।
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