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अभियन्ता दिवस’ पर बिजली अभियन्ताओं और कर्मचारियों ने ‘भारत रत्न’ सर एम0 विश्वेश्वरैया जी को याद किया

अभियन्ता दिवस’ पर बिजली अभियन्ताओं और कर्मचारियों ने ‘भारत रत्न’ सर एम0 विश्वेश्वरैया जी को याद किया

संवाददाता। 
लखनऊ। विकसित भारत के संकल्प को सफल बनाने के लिए अभियन्त्रण विभागों में नीति निर्धारण के प्रमुख पदों पर विशेषज्ञ अभियन्ताओं को तैनात किये जाने की मांग:*

प्रदेश के बिजली अभियन्ताओं ने मांग की है कि विकसित भारत के संकल्प को सफल बनाने के लिए अभियन्त्रण विभागों में नीति निर्धारण के प्रमुख पदों पर विशेषज्ञ अभियन्ताओं की ही तैनाती की जाये इससे प्रदेश सरकार के ‘‘24x7 पावर फॉर आल’’ योजना फलीभूत हो सकेगी और प्रदेश की जनता को निर्बाध सस्ती बिजली मिल सकेगी एवं ऊर्जा निगमों के बढ़ते घाटे पर अंकुश लग सकेगा। अभियन्ताओं और कर्मचारियों ने यह मांग आज ‘भारत रत्न’ सर एम0 विश्वेश्वरैया के 165वें जन्म दिवस पर आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में की गयी।
‘अभियन्ता दिवस’ समारोह में ऑल इण्डिया पाॅवर फेडरेशन के चेयरमैन इं. शैलेंद्र दुबे ने ‘भारत रत्न’ सर एम0 विश्वेश्वरैया एवं अन्य महान अभियन्ताओं के सराहनीय कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई विकसित देशों में तकनीकी विभागों का नेतृत्व उन्हीं तकनीकी विशेषज्ञों को दिया जाता है जिन्होंने उस क्षेत्र में कार्य किया हो। इससे नीति बनाने और उसके क्रियान्वयन में संतुलन रहता है। अतः अभियंत्रण सेवाओं व अभियन्ताओं की दिशा व दशा सुधारने हेतु प्रदेश सरकार प्रदेश हित में नीति निर्धारण के प्रमुख पदों पर विशेषज्ञ अभियन्ताओं की तैनाती किये जाने के सम्बन्ध में कदम उठायें।
उन्होनें आगे बताया कि देश में सबसे पहले 400के0वी0 पारेषण लाइन व उपकेन्द्र की परिकल्पना, निर्माण व संचालन का यशस्वी कार्य, 100 मेगावाट एवं 200 मेगावाट की तापीय इकाईयाँ डिजाइन करने व सफलतापूर्वक संचालित करने वाला अग्रणी उ0प्र0 बिजली बोर्ड ही है। विगत जून माह में 32673 मे0वा0 से अधिक बिजली का सफलतापूर्वक पारेषण व वितरण किया गया है जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। हाल ही में पारेषण निगम को राष्ट्र स्तर पर स्टेट ट्रांसमिशन कम्पनी ऑफ द इयर का अवाॅर्ड भी मिला है जो कि बिजली व्यवस्था में हुए गुणात्मक सुधार का उदाहरण है। 
महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि अभियंता केवल तकनीक और मशीनों का विशेषज्ञ नहीं, बल्कि विकास, प्रगति और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण आधार है। विद्युत अभियंता अपनी तकनीकी दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बिजली अभियंताओं का मुख्य उद्देश्य हर घर हर गांव तक सस्ती बिजली पहुंचाना है। बिजली कर्मी सीमित संसाधनों के बावजूद उत्तर प्रदेश के 3 करोड़ 73 लाख उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली आपूर्ति का कार्य कर रहे हैं। विगत 09 वर्षों में लाईन हानियां घटकर 13 प्रतिशत पर आ गयी हैं जो राष्ट्रीय मापदण्ड के अंतर्गत है। सार्वजनिक क्षेत्र में उप्र में बिजली व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है और एटी एण्ड सी हानियों में चालू वित्तीय वर्ष में और कमी आने की सम्भावना है। विकसित भारत के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में पॉवर सेक्टर बनाये रखना जरूरी है। उन्होंने मा0 मुख्यमंत्री जी से यह भी अपील की कि प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के संकल्प को पूरा करने के लिए अनपरा व ओबरा में संयुक्त उद्यम में प्रस्तावित 800-800 मेगावाट की परियोजना को प्रदेश के ही उत्कृष्ट अभियन्ताओं द्वारा उ0प्र0 राज्य विद्युत उत्पादन निगम के पूर्ण स्वामित्व में स्थापित की जाये।
प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित समारोह में उपस्थित अभियन्ताओं और कर्मचारियों ने भारत रत्न सर एम0 विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अभियंताओं ने प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति, बेहतर उपभोक्ता सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए कर्तव्य में उत्कृष्टता, कार्य में पारदर्शिता, निर्णयों में निष्पक्षता, उपभोक्ता के प्रति संवेदनशीलता, सहकर्मियों के प्रति सम्मान, और निगम के प्रति पूर्ण निष्ठा का संकल्प व्यक्त किया और आह्वाहन किया कि विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार विद्युत व्यवस्था के निर्माण में सभी विद्युत अभियंता अपना पूर्ण मनोयोग से प्रयासरत रहें। 

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