“संतों का संग और राम कथा ही मनुष्य के कल्याण का मार्ग है” — स्वामी विष्णु दास जी महाराज
संवाददाता।
-लेटे हुए हनुमान जी को गोमती मैया करा रही पूर्ण स्नान
51 लीटर दूध से किया जाएगा हनुमान जी और गोमती मैया का अभिषेक
लखनऊ। प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर, पंचवटी घाट, चौक, लखनऊ में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास परम पूज्य स्वामी विष्णु दास जी महाराज ने भगवान श्रीराम के दंडकारण्य वन गमन के दौरान संतों से मिलन तथा सत्संग के अत्यंत भावपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया।
स्वामी विष्णु दास जी महाराज ने कहा कि संतों का संग और श्रीराम कथा मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले कल्याण के प्रमुख मार्ग हैं। संतों का सानिध्य मनुष्य के भीतर सद्विचार, विनम्रता, सेवा और भक्ति का भाव जागृत करता है। भगवान श्रीराम का वनवास केवल एक ऐतिहासिक प्रसंग नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा, धैर्य और धर्म के पालन की प्रेरणा देने वाला जीवन-दर्शन है।
कथा के दौरान भगवान श्रीराम और संतों के मिलन के प्रसंगों का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे कथा पंडाल में भक्तिमय एवं भावुक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु श्रीराम नाम एवं भक्ति रस में डूबे नजर आए। आज कथा में प्रमुख रूप से हनुमानगढ़ नीमसार के महंत श्री पवन दास जी पूर्व मंत्री श्री अरविंद सिंह गोप महंत धर्मराज जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
कथा संयोजक डॉ. पंकज सिंह भदौरिया ने बताया कि माता गोमती का जलस्तर लगातार बढ़ने के बावजूद श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी का 51 लीटर दूध एवं गंगाजल से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष अभिषेक किया जाएगा।
इस अवसर पर कथा व्यवस्थापक अखिलेश कुमार ,अतुल सिंह, अभिषेक गुप्ता ,अमित शर्मा, अजय मेहरोत्रा ,ब्लॉक प्रमुख नीतू यादव, रजत सक्सेना, अभिषेक खरे, सहित भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे
सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के आगामी दिवसों में श्रीरामचरितमानस के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का आध्यात्मिक एवं जीवनोपयोगी विवेचन परम पूज्य स्वामी विष्णु दास जी महाराज द्वारा किया जाएगा।
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