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तीन लोकों के राजा ने वंचितों के उद्वार के लिए की वनवास की लीला

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संवाददाता। 
 - रामोत्सव 2026 का चौथा दिन 
तुम भी केवट, मैं भी केवट 
   कैसे तुमसे लूं उतराई ।
  कर दीजौ भव पार प्रभु 
  जब घाट तेहारे अइहौं ।।
    मैं उताई नही लइ हौं
लखनऊ । श्री रामलीला समिति ऐशबाग मे चल रहे रामोत्सव 2026 के मंच पर बुधवार को भास्कर नृत्य कला केंद्र कोलकाता के कलाकारों ने श्रीराम वन गमन , निषादराज से मिलन, केवट संवाद , सुमंत की अयोध्या वापसी , श्रीराम महार्षि बाल्मीकि संवाद , श्रवण कुमार कथा , पुत्र वियोग में राजा दशरथ का देहावसान , कैकेई भरत संवाद एवं कैकेई परित्याग जैसी लीलाओं का मंचन किया गया ।
रामलीला मंचन के दृश्यों में जहां श्रीराम के वनवास से दुखी राजा दशरथ की वेदना लोगों को भावुक करती है तो वहीं श्रवण कुमार और उनके माता-पिता की मृत्यु के दृश्य आंखें नम कर देते हैं अगले ही दृश्य में निषाद राज से श्रीराम की भेंट और केवट संवाद दर्शकों के चेहरों पर श्रीराम की भक्ति के भाव जाग्रत कर देते हैं ।
रामलीला के मंचन से पूर्व होने वाले सांस्कृतिक मंच पर अनुरूप नृत्य अकादमी के कलाकारों द्वारा शिवाष्टकम, देवी स्तुति, नटरंग उंबा एवं रामाष्टकम पर नृत्य प्रस्तुति दी गईं । 
इसके बाद कॉमर्स स्फेयर एण्ड डांस स्फेयर द्वारा स्वाती श्रीवास्तव के नृत्य निर्देशन में कलाकारों ने गणेश वंदना एवं शिव वंदना का मंचन किया ।

श्री रामलीला समिति ऐशबाग के अध्यक्ष हरीशचन्द्र अग्रवाल ने बताया कि ऐशबाग की इस ऐतिहासिक रामलीला को देखने के लिए प्रतिदिन लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है जिसे देखते हुए समिति ने दर्शकों के बैठने का अतिरिक्त प्रबंध किया है ताकि दर्शकों को रामलीला देखने में किसी प्रकार का कष्ट न हो सके । 
श्री अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार को पांचवें दिन के रामलीला मंचन में श्रीराम कुटी का निर्माण , भरत जी का वन प्रस्थान , श्रीराम भरत मिलन , भरत जी का श्रीराम चरणपादुका लेकर अयोध्या प्रस्थान भरत जी का महल परित्याग एवं नंदीग्राम गमन के साथ ही कैकई के विलाप की लीलाएं मंचन का मुख्य आकर्षण रहेंगी ।

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