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संवाददाता।
लखनऊ। गोकरन नरवदेश्वर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन परिवार में संस्था के वॉइस चेयरमैन डॉ शिवेश मणि
त्रिपाठी के जन्मदिन के अवसर पर श्री रामचरित मानस अखंड रामायण पाठ का समापन भक्तिभाव के साथ बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया।
इस शुभ अवसर पर जीएनजीआई परिवार के संरक्षक एवं संस्था के चेयरमैन प्रोफेसर नरेंद्र मणि त्रिपाठी जी ने संस्था के सभी सदस्यों के साथ पूजन किया और अपनी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया।
संस्था की सचिव डॉ मैत्री मणि त्रिपाठी जी के दिशा निर्देश एवं सहयोग से यह भक्तिमय कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और संस्था के सभी सदस्यों की तरफ से आभार प्रकट किया।
अखंड रामायण पाठ की पूजा 14 अक्टूबर को प्रातः 11बजे से प्रारंभ हुई थी। सभी भक्तों ने मिलकर प्रभु श्रीराम की जीवन लीला को भजन - कीर्तन के साथ 15 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे हवन कर प्रभु की आरती एवं प्रसाद वितरण के बाद अखंड पाठ का विश्राम सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। संस्था द्वारा संचालित ए आर जयपुरिया स्कूल के छात्र - छात्राओं ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों की बहुत सुंदर एवं मनमोहक नाट्य प्रस्तुति दी।
हवन - पूजन के बाद वॉइस चेयरमैन डॉ शिवेश मणि त्रिपाठी जी ने केक काटकर अपने जन्मदिन पर इस विशेष आयोजन एवं शुभकामनाओ के लिए सबका हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ अमरीक सिंह (पूर्व वी सी), डॉ दुर्गेश मणि त्रिपाठी जी, डॉ अमरेश गुप्ता, रोहित पी सावरन, अमित शर्मा, गुंजन श्रीवास्तव, चंदन मिश्रा, निशित श्रीवास्तव, शैलेश तिवारी, दयाशंकर जोशी, पुष्पेन्द्र कुमार, नीतीश तिवारी,अनुज, अमरेंद्र सिंह, विजेंद्र पांडे, सुनील वर्मा, प्राची गुप्ता, उन्नति शुक्ला, शैलेन्द्र सिंह, सत्येंद्र कुमार, लालमणि कुशवाहा, राशि श्रीवास्तव, अंकुर, आस्था, इशिका, रिषिका , शिप्रा, मनु, पारुल, श्रेया, माधवी, शैल, निशात, अनामिका, देवेंद्र कुमार, हरिशंकर सिंह, ईशान श्रीवास्तव, अनिल कुमार, दीपक कुमार, संस्था के छात्र - छात्राओं एवं कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति देकर आयोजन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता दी।
गोकरन नर्वदेश्वर इंजीनियरिंग कॉलेज के सहायक निदेशक अमित शर्मा ने बताया वर्तमान सत्र में जीएन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में बीटेक, पॉलिटेक्निक, बीफार्मा, डीफार्मा, डीएचपी, एल एल बी, आईटीआई एवं अन्य कई रोजगारपरक कोर्स संचालित होते हैं। जिनमें शैक्षणिक कार्य के साथ - साथ जॉब के लिए भी छात्र - छात्राओं को ट्रेनिंग दी जाती है।
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