“राम राज्य की स्थापना मात्र कल्पना नहीं, अपितु एक सार्थक प्रयास है, जिसे सनातन धर्म ही पोषित कर सकता है” — स्वामी विष्णु दास जी महाराज
संवाददाता।
-विभीषण शरणागति एवं रावण वध ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, राम राज्याभिषेक के साथ हुआ सप्त दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य समापन
लखनऊ। प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर, पंचवटी घाट, चौक, लखनऊ में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिवस कथा व्यास परम पूज्य स्वामी विष्णु दास जी महाराज ने विभीषण शरणागति, रावण वध एवं श्रीराम राज्याभिषेक जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।
स्वामी विष्णु दास जी महाराज ने शरणागति के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की शरण में आने वाले प्रत्येक जीव के लिए भगवान के द्वार सदैव खुले हैं। विभीषण की शरणागति का प्रसंग यह संदेश देता है कि जब मनुष्य अहंकार और अधर्म का त्याग कर सत्य एवं धर्म का मार्ग अपनाता है, तब प्रभु उसे स्वीकार करते हैं।
रावण वध के प्रसंग के माध्यम से महाराज श्री ने कहा कि रावण केवल लंका में नहीं था, बल्कि उसके अहंकार, काम, क्रोध, लोभ, मोह और मद के रूप आज भी मनुष्य के भीतर विद्यमान हैं। वास्तविक रामकथा तभी सार्थक होगी, जब हम अपने मानस में बसे इन विकारों रूपी रावण का वध करने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि “राम राज्य की स्थापना मात्र कल्पना नहीं, बल्कि एक सार्थक प्रयास है, जिसे सनातन धर्म ही पोषित कर सकता है।” राम राज्य केवल राजनीतिक व्यवस्था का नाम नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, करुणा, मर्यादा, सेवा और लोककल्याण पर आधारित जीवन व्यवस्था का प्रतीक है।
कथा के दौरान श्रीराम के दस लक्षणों के माध्यम से उनके आदर्श चरित्र को सहजता से समझाया गया। वहीं श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग आते ही कथा पंडाल आनंद और उत्सव से भर उठा। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर श्रीराम के जयकारे लगाए।
इन प्रसंगों के दौरान पूरे कथा पंडाल में भक्तिमय एवं भावुक वातावरण बना रहा। श्रद्धालु श्रीराम नाम और भक्ति रस में डूबे नजर आए तथा समय-समय पर “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
कथा संयोजक डॉ. पंकज सिंह भदौरिया ने सप्त दिवसीय श्रीराम कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, यजमानों, व्यवस्थापकों, ट्रस्टियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग और सहभागिता से ही यह आयोजन सफल एवं भव्य रूप से संपन्न हो सका।
इस अवसर पर कथा के समापन पर व्यवस्थापकों, यजमानों एवं ट्रस्टियों को सम्मानित भी किया गया।
पवित्र श्रीराम कथा के समापन में उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री धर्मवीर प्रजापति, स्वामी श्री श्री 1008 दीपेकेश्वरानंद जी महाराज, स्वामी इंद्रेश कौशिक जी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लखनऊ विभाग प्रचारक श्री अनिल जी भाईसाहब,भारतीय जनता पार्टी नेता प्रदीप सिंह (बब्बू), रजनीश गुप्ता एवं कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दी।
कार्यक्रम में संजीव अग्रवाल, विमर्श रस्तोगी, उषा अग्रवाल, गरिमा टंडन एवं अलकेश सोती सहित मंदिर प्रबंधन, आयोजन समिति के सदस्य, व्यवस्थापक, यजमान एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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