Jay Times News

संयुक्त संघर्ष समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तर प्रदेशNHM कार्मिकों की लंबित मांगों के समाधान हेतु ईको गार्डन में कर्मचारियों की एकजुट उपस्थिति

लखनऊ । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तर प्रदेश के अंतर्गत विभिन्न संवर्गों में दीर्घकाल से कार्यरत कार्मिक प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद NHM कार्मिकों को उचित वेतन, नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।

NHM कार्मिकों की लंबित समस्याओं एवं मांगों के सर्वसम्मत समाधान के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर “संयुक्त संघर्ष समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश” का गठन किया है। समिति द्वारा शासन का ध्यान NHM कार्मिकों की समस्याओं की ओर आकृष्ट कराते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की जा रही है।

ईको गार्डन में कर्मचारियों की एकजुट उपस्थिति

संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आज दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को ईको गार्डन, लखनऊ में विभिन्न संवर्गों के NHM कर्मचारी, पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की तथा शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लिए जाने की मांग की।

संयुक्त संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें

1. पारदर्शी वेतन नीति

समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर NHM कार्मिकों के लिए न्यूनतम ₹18,000 प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया जाए। कार्यावधि, अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन निर्धारण तथा नियमित वेतन वृद्धि की नीति लागू की जाए।

2. नियमितीकरण एवं राज्य आधारित व्यवस्था

दीर्घकाल से कार्यरत NHM कार्मिकों को राज्य आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था में समाहित कर नियमित किया जाए। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में दिए गए सुझावों तथा वर्ष 2018 में CHO को 6 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमित करने संबंधी निर्देशों/सुझावों के अनुरूप उत्तर प्रदेश में भी प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

3. रिक्त पद एवं स्थानांतरण नीति

NHM में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए तथा सभी कार्मिकों के लिए पारदर्शी, न्यायसंगत एवं स्पष्ट स्थानांतरण नीति लागू की जाए।

4. सामाजिक सुरक्षा का लाभ

सभी NHM कार्मिकों को EPF, ESI, ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा सहित आवश्यक सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

5. आउटसोर्स कार्मिकों का समायोजन एवं सेवा सुरक्षा

आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को सेवा सुरक्षा प्रदान करते हुए उनका समायोजन किया जाए अथवा प्रस्तावित आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत नियोजित कर उन्हें निगम के समस्त आवश्यक लाभ प्रदान किए जाएं।

विभिन्न संवर्गों के प्रतिनिधियों की सहभागिता

संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर डॉ. अनिल गुप्ता — प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त NHM संघ एवं आयुष चिकित्सक संवर्ग; श्री योगेश कुमार उपाध्याय — प्रदेश महामंत्री, संयुक्त NHM कर्मचारी संघ; डॉ. आशुतोष उपाध्याय — वरिष्ठ उपाध्यक्ष, RBSK; श्री हिमालय कुमार — प्रदेश अध्यक्ष, CHO संघ; श्री हरिओम सिंह — प्रदेश महामंत्री, नर्सिंग संवर्ग; श्री दीन दयाल वर्मा — RKSK प्रतिनिधि; श्री दीप आर्या — अध्यक्ष, ऑप्टोमेट्रिस्ट संघ; श्री अशोक पाण्डेय एवं श्री सुरेंद्र पाल — अध्यक्ष एवं महामंत्री, BCPM संघ; श्री अनुज ठाकुर — संयोजक, चिकित्सालय प्रबंधक संघ; श्री अरुण वर्मा — NUHM कर्मचारी संगठन प्रतिनिधि; श्री नवेद अहमद — सपोर्ट स्टाफ प्रतिनिधि; श्री संदीप तिवारी — CHO प्रतिनिधि सहित विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त श्रीमती सुनेना अरोड़ा — प्रदेश अध्यक्ष, TBSEWA; श्री अमर जापरी — अध्यक्ष, आयुष फार्मासिस्ट; श्री अजय — BAM संवर्ग प्रतिनिधि; श्रीमती प्रीति मिश्रा — BPM प्रतिनिधि; श्रीमती ज्योतिर्मि राय — अध्यक्ष, काउंसलर संवर्ग; श्री शाहिद — अध्यक्ष, RBSK एवं DEIC मैनेजर; श्री विजय बाजपेई — RI असिस्टेंट प्रतिनिधि; श्री कमलेश कश्यप — नियमित टीकाकरण संघ; श्रीमती प्रेमलता पाण्डेय — प्रदेश संयोजिका, ANM संघ; श्री संचित यादव — संगठन मंत्री, फार्मासिस्ट संघ; डॉ. हरजीत सिंह — महामंत्री, डेंटल सर्जन संघ; श्री हेमंत पाल — लैब टेक्नीशियन संघ; श्री संतोष पाण्डेय — IDSP संवर्ग संघ; श्री शुभम मिश्रा — प्रतिनिधि, आउटसोर्स एवं कोविड-19 कर्मचारी संघ; श्री सनत सिंह — प्रदेश अध्यक्ष, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न संवर्गों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता दर्ज कराई।

संयुक्त संघर्ष समिति का आह्वान

संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि NHM कार्मिकों की उक्त मांगें किसी एक संवर्ग की नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों NHM कार्मिकों के सम्मान, सेवा-सुरक्षा, आर्थिक स्थायित्व एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं।

समिति ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया तथा सभी NHM कार्मिकों से एकजुट, अनुशासित एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया।

संयुक्त संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा एवं लंबित मांगों के समाधान तक संगठनात्मक एकता और संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

“एकता हमारी ताकत — संघर्ष हमारा अधिकार!”

“NHM एकता जिंदाबाद”।

Post a Comment

Previous Post Next Post